ह्यूमन पावर फाउंडेशन - मुख्य नियम व शर्तें
1. सदस्यता नियम
18 से 60 वर्ष की उम्र वाले व्यक्ति सदस्य बन सकते हैं।
2. रजिस्ट्रेशन और सूचना व्यवस्था
- फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है।
- WhatsApp ग्रुप में समय-समय पर जानकारी, पोल और सुझाव साझा किए जाते हैं।
- सदस्यों को सप्ताह में कम से कम 2 बार ग्रुप देखना अनिवार्य है।
- अन्य माध्यम: सोशल मीडिया और जनपदीय टीम।
3. सहयोग प्राप्ति से संबंधित नियम
3(A). लॉक-इन अवधि (सामान्य मृत्यु)
- नए सदस्य के लिए 90 दिन की लॉक-इन अवधि अनिवार्य।
- इस दौरान मृत्यु होने पर सहयोग नहीं मिलेगा।
- 91वें दिन या उसके बाद मृत्यु पर सहयोग मिलेगा, भले ही योगदान न किया हो।
3(B). गंभीर बीमारी के मामलों में लॉक-इन अवधि
- गंभीर बीमारी की स्थिति में लॉक-इन अवधि 1 वर्ष होगी।
- बीमारी की जानकारी प्रोफाइल में देना आवश्यक है।
- IMA द्वारा मान्य बीमारियां शामिल (जैसे कैंसर, किडनी फेल्योर)।
3(C). बीमारी की जानकारी और निर्णय
- मृत्यु का कारण बीमारी है → बीमारी श्रेणी मानी जाएगी।
- दुर्घटना से मृत्यु → सामान्य नियम लागू होंगे।
- अंतिम निर्णय HPF टीम द्वारा होगा।
3(D). कोर टीम का निर्णयाधिकार
कोर टीम सभी मामलों में विवेकाधिकार के साथ निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है।
3(E). एक से अधिक नॉमिनी के मामले
- कोर टीम उचित निर्णय लेकर सहयोग दे सकती है।
- दुर्व्यवहार या झूठे आरोप की स्थिति में सहयोग रोका जा सकता है।
3(F). अधिक राशि भेजने की स्थिति
सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि भेजी जाने पर उचित साक्ष्य के साथ वापसी का प्रयास किया जाएगा।
4. सहयोग प्रक्रिया की बाध्यता
- लॉक-इन अवधि के बाद सहयोग करना अनिवार्य है।
- सहयोग के बाद वेबसाइट/गूगल फॉर्म भरना और रसीद अपलोड करना आवश्यक है।
- फॉर्म भरे बिना सहयोग मान्य नहीं होगा।
5. वैधता पुनः सक्रिय करने के नियम
5(A). आंशिक सहयोग ब्रेक
- पहले 10 सहयोगों में से किसी एक में ब्रेक हो तो वैधता समाप्त होगी।
- 3 लगातार सहयोग करने पर वैधता फिर से मिल सकती है (केवल एक बार मौका)।
5(B). पूर्ण रूप से निष्क्रिय सदस्य
- 2 से अधिक सहयोग ब्रेक करने वाले को 5 सहयोग करने के बाद ही वैध सदस्यता मिलेगी।
- साथ ही 2 माह का लॉक-इन पीरियड लागू होगा।
5(C). गैर-सहयोगी सदस्य को एक अवसर
- अब सहयोग करना चाहते हैं तो 5 सहयोग और 2 माह लॉक-इन पीरियड आवश्यक।
- नियम 28 अप्रैल 2025 से लागू।
5(D). एक बार का सहयोग ब्रेक
एक वर्ष में एक बार ब्रेक के लिए 2 माह का लॉक-इन पीरियड और उस अवधि के सहयोग आवश्यक होंगे।
5(E). बारंबार सहयोग ब्रेक
यदि वर्ष में दो या अधिक बार सहयोग ब्रेक हो तो 5 माह का लॉक-इन और सहयोग अनिवार्य है।
5(F). दीर्घकालिक निष्क्रियता
6 माह से अधिक निष्क्रियता पर 5 माह का लॉक-इन और सभी सहयोग पूरे करने होंगे।
5(G). व्यक्तिगत व्यस्तता में सहयोग चूक
ऐसे मामलों में दावा मान्य नहीं होगा, सहयोग बहाल करने के लिए क्रमशः योगदान देना होगा।
6. 90% सहयोग नियम
- 10 सहयोग पूरे करने के बाद 90% योगदान देने वालों को एक छूट दी जा सकती है।
- 20, 50 आदि सहयोगों के अनुसार यह प्रतिशत 80%-90% तक विचाराधीन रहेगा।
6(A). एक बार की छूट
हर वर्ष एक बार अपरिहार्य स्थिति में सहयोग न कर पाने पर छूट मिल सकती है।
6(B). मृत्यु के दौरान सहयोग अवधि में
- यदि मृत्यु सहयोग की तिथि से पहले होती है तो लाभ पात्रता लागू होगी।
- यह केवल गंभीर दुर्घटना, बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने पर मान्य होगा।
7. विवादित या विशेष परिस्थितियां
7(A). एक ही तिथि को कई मृत्यु
सहयोग क्रम उस सदस्य से शुरू होगा जिसने ज्यादा प्रतिशत सहयोग किया हो।
7(B). नॉमिनी विवाद
प्रदेश/कोर टीम जांच कर निर्णय लेगी।
8. नियमों से इतर कोई सहयोग नहीं
निर्धारित नियमों से बाहर कोई सहायता नहीं की जाएगी और न ही रद्द की जाएगी।
8(A). अनुशासनहीनता व संस्था विरोधी गतिविधियाँ
- दुष्प्रचार: सदस्यता रद्द + कानूनी नोटिस
- झूठे आरोप: अस्थायी निलंबन + स्पष्टीकरण
- वित्तीय धोखाधड़ी: निष्कासन + शिकायत
- अपील: 14 दिन के अंदर स्पष्टीकरण देना होगा
9. सदस्य के कर्तव्य और दायित्व
सदस्य HPF के उद्देश्य, मूल्य और नीति का सम्मान करें।
10. गोपनीयता नीति
सदस्यों की जानकारी केवल आंतरिक कार्यों में प्रयोग की जाएगी और किसी तीसरे पक्ष से साझा नहीं की जाएगी।
11. आपातकालीन स्थिति में नीति
प्राकृतिक आपदा, महामारी या राष्ट्रीय संकट में अस्थायी छूट दी जा सकती है।
12. नियमों का संशोधन
HPF समय-समय पर नियमों में बदलाव कर सकता है, और वेबसाइट/ग्रुप के माध्यम से अपडेट देगा।
13. विवाद समाधान
सभी विवादों का अंतिम निर्णय HPF कोर टीम द्वारा लिया जाएगा। शिकायतें
humanpowerfoundation551@gmail.com पर भेजें।
नोट: कानूनी क्षेत्राधिकार: कुशीनगर, उत्तर प्रदेश।
नॉमिनी भुगतान नीति (Nominee Payment Policy)
- सहयोग राशि केवल नामांकित नॉमिनी के बैंक खाते में ट्रांसफर होगी।
- HPF का कार्य केवल राशि पहुँचाना है, वितरण पर नियंत्रण नहीं।
- गलत खाता जानकारी होने पर तुरंत नई जानकारी देनी होगी।
- नाबालिग या अशक्त होने पर राशि अभिभावक को दी जा सकती है।
- सभी भुगतान DBT मोड से होंगे।
HPF – वार्षिक ₹100 सहयोग का उपयोग
- शिक्षा: बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी
- आपातकालीन सहायता: दुर्घटना/बीमारी में दवा/भोजन
- गरीब बेटियों की शादी में सहयोग
- स्वरोज़गार: मशीन, टूल्स, आदि
- चिकित्सा सहायता: मुफ्त दवा वितरण, कैंप
- डिजिटल/प्रशासनिक व्यय: वेबसाइट, अपडेट सिस्टम
- सामुदायिक कार्य: रक्तदान, वृक्षारोपण, भोजन कार्यक्रम
नारा: "100 रुपये सालाना, बन जाएं किसी के मसीहा!"